नियम व शर्तें

लागू: 27 सितंबर 2026

ये शर्तें उदय कोल्ड स्टोरेज, अटारी, मलिहाबाद, लखनऊ (शीतगृह लाइसेंस LK53.14.1042/CSA-46) और यहाँ आलू रखने वाले हर किसान व यहाँ से माल ख़रीदने वाले हर व्यापारी के बीच हैं।

सबसे ज़रूरी बातें
  • स्टोर का काम सिर्फ़ आपका आलू ठंडा रखना है, और उसी का किराया लेना।
  • सौदा, तौलपत्ती, व्यापारी से पैसा दिलवाना, एडवांस, बारदाना-खाद-बीज — ये सब आपकी सुविधा के लिए ऊपर की मदद है, स्टोर की ज़िम्मेदारी नहीं।
  • सौदा किसान और व्यापारी के बीच है। व्यापारी पैसा न दे तो स्टोर अपनी जेब से नहीं देगा।
  • आलू का सूखना, वज़न घटना, अंकुर और सड़न आलू का स्वभाव है — स्टोर इनका ज़िम्मेदार नहीं।
  • किराया और सारा बकाया चुकने तक स्टोर माल रोक सकता है। आख़िरी तारीख़ के बाद पड़ा माल नोटिस देकर बेचा जा सकता है।
  • पोर्टल का हिसाब सिर्फ़ देखने की सुविधा है; असली हिसाब स्टोर की बही, रसीद और बिल है।
  1. 1. ये शर्तें किस पर लागू हैं

    ये शर्तें उदय कोल्ड स्टोरेज ("स्टोर") और हर उस किसान पर लागू हैं जो यहाँ आलू रखता है, और हर उस व्यापारी पर जो यहाँ रखा आलू ख़रीदता है।

    स्टोर में माल रखना या निकालना, स्टोर की कोई भी सुविधा लेना, या "अपना खाता" / "व्यापारी हिसाब" पोर्टल पर "मैं सहमत हूँ" दबाना — इन शर्तों को मानना है।

    ये शर्तें हर सीज़न पर लागू रहती हैं, जब तक स्टोर इन्हें बदल न दे (भाग 18)।

  2. 2. स्टोर का काम — सिर्फ़ ठंडा रखना

    स्टोर का एकमात्र काम किसान का आलू सीज़न भर उचित ठंडक में रखना है, और इसके बदले तय किराया लेना।

    स्टोर आलू का ख़रीदार, बेचने वाला, दलाल, गारंटर या बैंक नहीं है।

    इसके अलावा स्टोर जो कुछ करता है — सौदा लिखना, तौलपत्ती बनाना, व्यापारी से पैसा लेकर किसान को देना, एडवांस, बारदाना-खाद-बीज, गाड़ी और पल्लेदारी का इंतज़ाम, WhatsApp सूचना और यह पोर्टल — सब किसान की सुविधा के लिए ऊपर की मदद है। यह स्टोर की ज़िम्मेदारी नहीं है, और स्टोर इसे कभी भी बदल या बंद कर सकता है।

  3. 3. आलू की गुणवत्ता और प्राकृतिक घटत

    आलू ज़िंदा फ़सल है। रखे-रखे उसका सूखना, वज़न घटना, अंकुर निकलना, सिकुड़ना, रंग या स्वाद बदलना, और खेत से आई बीमारी, चोट, कच्चेपन या नमी से सड़ना-गलना उसका स्वभाव है। इनके लिए स्टोर ज़िम्मेदार नहीं।

    आलू सूखा, पका, छँटा हुआ, बीमारी से मुक्त और मज़बूत बोरी में लाना किसान की ज़िम्मेदारी है। गीला, कटा, सड़ा या बीमार माल स्टोर लेने से मना कर सकता है।

    निकासी के समय का वज़न आमद के वज़न से कम होना स्वाभाविक है। स्टोर किसी वज़न, गुणवत्ता या भाव की गारंटी नहीं देता।

  4. 4. आमद, रसीद और निकासी

    आमद के दिन कांटे का वज़न, पैकेट की गिनती और लॉट नंबर पर्ची/रसीद में लिखे जाते हैं। किसान उसी समय मिला ले; बाद में इन पर शिकायत नहीं मानी जाएगी।

    बोरी पर अपना निशान लगाना और रसीद सँभाल कर रखना किसान की ज़िम्मेदारी है।

    माल सिर्फ़ दर्ज किसान को, या उसके लिखित अधिकार वाले व्यक्ति/व्यापारी को, गेट पास से दिया जाएगा।

    निकासी के समय माल देख-परख कर लें। माल स्टोर से निकलने के बाद उसकी गिनती, वज़न या गुणवत्ता पर कोई दावा नहीं माना जाएगा।

  5. 5. किराया

    किराया आमद के कांटे के शुद्ध वज़न पर, उस सीज़न की किस्म-वार दर से, पूरे सीज़न का लगता है। माल जल्दी निकाल लेने पर किराया कम नहीं होता, जब तक स्टोर अपनी ओर से छूट न दे।

    किराया किसान बिल में जुड़ता है और निकासी से पहले या बिल के समय चुकाना होता है।

    किराया और स्टोर का हर बकाया (भाग 7, 8, 9) चुकने तक स्टोर पूरा माल या उसका कोई भी हिस्सा रोक सकता है।

  6. 6. सौदा और तौलपत्ती

    सौदा — भाव, मात्रा, तौल और भुगतान की शर्त — पूरी तरह किसान और व्यापारी के बीच होता है। व्यापारी किसान ख़ुद चुनता है।

    स्टोर सौदे में पक्ष नहीं है। स्टोर सौदा और तौलपत्ती सिर्फ़ किसान की सुविधा के लिए लिखता है, ताकि हिसाब साफ़ रहे।

    तौल, भाव, गुणवत्ता, कटौती या छूट का कोई भी विवाद किसान और व्यापारी आपस में सुलझाएँगे। स्टोर इसका ज़िम्मेदार नहीं।

  7. 7. व्यापारी का पैसा और किसान का भुगतान

    स्टोर व्यापारी और किसान के बीच पैसा सिर्फ़ सुविधा के लिए लेता-देता है। किसान के खाते में उतना ही जाता है जितना व्यापारी ने सच में स्टोर को दिया हो — उसमें से किराया और बकाया काट कर।

    व्यापारी पैसा न दे, देर करे, चेक या ऑनलाइन भुगतान लौट आए, या व्यापारी ग़ायब हो जाए — तो स्टोर वह रकम अपनी जेब से देने का ज़िम्मेदार नहीं। वसूली किसान और व्यापारी के बीच की बात है।

    अगर स्टोर ने व्यापारी का पैसा आने से पहले किसान को कुछ दे दिया, और बाद में व्यापारी का पैसा नहीं आया, तो वह रकम किसान पर कर्ज़ मानी जाएगी और किसान से वसूली जाएगी।

  8. 8. एडवांस (कर्ज़) और ब्याज

    एडवांस देना स्टोर का काम नहीं है। किसान अपनी निजी ज़रूरत पर माँगता है, और क्योंकि उसका आलू स्टोर में रखा है, स्टोर मदद के तौर पर दे सकता है। देना या मना करना स्टोर की मर्ज़ी है।

    एडवांस पर ब्याज किसान अपनी मर्ज़ी से देने को राज़ी होता है। रकम, तारीख़ और दर रसीद/खाते में लिखी जाती है।

    एडवांस और ब्याज आलू के भाव से बँधे नहीं हैं। भाव गिरे या माल ख़राब हो, तब भी पूरा कर्ज़ और ब्याज चुकाना होगा। ये किसान बिल से या माल की बिक्री से काटे जाएँगे; कम पड़े तो किसान अलग से चुकाएगा।

  9. 9. बारदाना, खाद, बीज और दूसरे ख़र्च

    बारदाना, खाद और बीज किसान की माँग पर उधार दिए जाते हैं। इनकी गुणवत्ता बनाने वाली कंपनी/सप्लायर की है, स्टोर की नहीं। इनका बकाया किसान बिल से कटेगा।

    पल्लेदारी, उतराई, लदाई, पलटाई और भाड़ा तय दर से, जिसका बनता है (किसान या व्यापारी), उसके खाते में लगते हैं।

    गाड़ी का इंतज़ाम स्टोर करवाए तब भी रास्ते का जोखिम — दुर्घटना, चोरी, भीगना — माल के मालिक का है।

  10. 10. निकासी की आख़िरी तारीख़

    हर सीज़न स्टोर निकासी की आख़िरी तारीख़ बताता है (आम तौर पर 30 नवंबर)। किसान उससे पहले अपना पूरा माल निकाल ले या बेच दे।

    उस तारीख़ के बाद पड़े माल के लिए स्टोर किसान को नोटिस देगा — WhatsApp, फ़ोन या स्टोर के नोटिस बोर्ड पर। नोटिस के बाद भी माल न उठे तो स्टोर उसे बेच सकता है।

    बिक्री का पैसा पहले किराया, ब्याज, बकाया और बिक्री के ख़र्च में जाएगा। बचा पैसा किसान का है; कम पड़े तो बाक़ी किसान से वसूला जाएगा।

    आख़िरी तारीख़ के बाद माल की गुणवत्ता, वज़न या भाव के नुक़सान का ज़िम्मेदार स्टोर नहीं।

  11. 11. बीमा और बड़े नुक़सान

    स्टोर का बीमा है। आग जैसी किसी घटना में माल का नुक़सान हो तो किसान को उतना ही मिलेगा जितना बीमा कंपनी उस माल के लिए मंज़ूर करके दे। स्टोर उससे ज़्यादा देने का ज़िम्मेदार नहीं।

    किसान चाहे तो अपने माल का अलग बीमा ख़ुद करवा सकता है।

    स्टोर उचित देखभाल करता है। फिर भी बिजली की लंबी कटौती, मशीन की अचानक ख़राबी, आग, बाढ़, भूकंप, आँधी-तूफ़ान, महामारी, हड़ताल, दंगा या सरकारी आदेश जैसी स्टोर के बस से बाहर की बातों से हुए नुक़सान का ज़िम्मेदार स्टोर नहीं (बीमे से जो मिले, उसके सिवा)।

    किसी भी हालत में स्टोर भाव गिरने, मुनाफ़ा न होने, या उससे आगे के किसी नुक़सान का ज़िम्मेदार नहीं।

  12. 12. शिकायत का समय

    माल की गिनती, वज़न या गुणवत्ता की शिकायत निकासी के समय, माल स्टोर से निकलने से पहले, स्टोर के दफ़्तर में दर्ज कराएँ।

    खाते, बिल या रसीद की किसी ग़लती की जानकारी 15 दिन के अंदर दें। उसके बाद हिसाब सही माना जाएगा। स्टोर अपनी कोई भी साफ़ ग़लती कभी भी सुधार सकता है।

  13. 13. व्यापारी के लिए

    व्यापारी तौलपत्ती के हिसाब से पूरा पैसा तय समय में देगा। किसान का पैसा और स्टोर का अपना बकाया (जैसे पल्लेदारी, लदाई) चुकने तक व्यापारी पर बकाया रहेगा।

    व्यापारी माल तौल और निकासी के समय ख़ुद देख-परख कर ले। उसके बाद गुणवत्ता या वज़न की शिकायत किसान से है, स्टोर से नहीं।

    स्टोर व्यापारी को किसी किसान के माल, भाव या मात्रा की गारंटी नहीं देता।

    पुराना बकाया रहने पर स्टोर व्यापारी को नया माल देने या गेट पास बनाने से मना कर सकता है।

  14. 14. पोर्टल — "अपना खाता" और "व्यापारी हिसाब"

    पोर्टल सिर्फ़ जानकारी देखने की सुविधा है। असली हिसाब स्टोर की बही, रसीद और बिल है। पोर्टल या WhatsApp में कोई ग़लती दिखे तो उससे कोई हक़ नहीं बनता — स्टोर को बताएँ, सुधार दिया जाएगा।

    पोर्टल कभी बंद, धीमा या अधूरा हो सकता है। स्टोर इसे कभी भी बदल या बंद कर सकता है।

    OTP किसी को न बताएँ। आपके मोबाइल नंबर और OTP से जो भी खाता खोले, उसकी ज़िम्मेदारी आपकी है। नंबर बदले या फ़ोन खो जाए तो तुरंत स्टोर को बताएँ।

    पोर्टल से छेड़छाड़, किसी और का खाता खोलने की कोशिश, या उसका ग़लत इस्तेमाल क़ानूनन अपराध है।

  15. 15. WhatsApp सूचना

    आमद, सौदा, तौलपत्ती, बिल और भुगतान की सूचना सुविधा के लिए WhatsApp पर भेजी जाती है। सूचना न पहुँचे या देर से पहुँचे, तब भी हिसाब वही रहेगा जो बही में है।

    सूचना बंद करनी हो तो BAND लिख कर भेजें (निजता नीति देखें)।

  16. 16. सर्वाधिकार सुरक्षित

    "उदय कोल्ड स्टोरेज" का नाम, लोगो, यह पोर्टल, इसका सॉफ़्टवेयर, डिज़ाइन और लिखावट स्टोर की संपत्ति है। सर्वाधिकार सुरक्षित।

    अपने हिसाब का स्क्रीनशॉट या प्रिंट अपने निजी काम के लिए ले सकते हैं। पोर्टल या उसके किसी हिस्से की नक़ल, बिक्री, दोबारा छापना, या मशीन से डेटा निकालना बिना लिखित अनुमति मना है।

  17. 17. क़ानून और विवाद

    कोई भी विवाद पहले स्टोर के दफ़्तर में बातचीत से सुलझाने की कोशिश होगी। न सुलझे तो विवाद भारत के क़ानून से और सिर्फ़ लखनऊ की अदालतों में चलेगा।

    इन शर्तों के साथ उत्तर प्रदेश शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) का क़ानून और सरकारी आदेश भी लागू हैं; जहाँ क़ानून कुछ और कहे, वहाँ क़ानून माना जाएगा। कोई एक शर्त रद्द हो जाए तो बाक़ी शर्तें लागू रहेंगी।

    हिंदी, हिंग्लिश और अंग्रेज़ी रूप में फ़र्क़ हो तो हिंदी रूप माना जाएगा।

  18. 18. शर्तों में बदलाव

    स्टोर ये शर्तें कभी भी बदल सकता है। नई शर्तें इसी पेज पर तारीख़ के साथ लगेंगी, और पोर्टल पर दोबारा "सहमत" पूछा जाएगा। बदलाव के बाद माल रखना, निकालना या पोर्टल इस्तेमाल करना नई शर्तें मानना है।

  19. 19. संपर्क

    उदय कोल्ड स्टोरेज, ग्राम व पोस्ट अटारी, मलिहाबाद, लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226104 · फ़ोन 96954 62999 · udaicoldstorage@gmail.com

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